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कवर स्टोरी

हिमाचल की खूबसूरती की पर्याय सैंज घाटी की यात्रा

Sainj Valley himachal

सैंज घाटी (Sainj Valley) : हिमालय में बहुत सारे खजाने छुपे हुए हैं। भारत में पर्यटन के नक़्शे पर हाल-फिलहाल जो जगह उभरकर आयी है वह है हिमालय की सैंज घाटी। यह घाटी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शहर से महज़ पचास किमी की दूरी पर स्थित है, फिर भी लोगों की नज़रों से दूर बहुत ही शांत, सुन्दर और अपने मनोरम वातावरण के लिए जानी जाती है।

अगर आप इस जगह पर जाने की सोच रहे हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें। मैं आपको इस ऑफबीट जगह के बारे में घूमने, ठहरने और पहुंचने की पूरी-पूरी जानकारी देने वाला हूं। यह एक ऐसी जगह है जहां जाकर आपको बहुत ज्यादा सकून मिलेगा।

सैंज घाटी (Sainj Valley) में आपको प्रकृति का भरपूर सानिध्व मिलेगा। हवा का शांत शोर मिलेगा। चिड़ियों की चहचहाहट मिलेगी। सुबह और शाम का वातावरण आपको बेहद शांत और सुखद अहसास से भर देगा। यह जगह पूरी तरह से पेड़ों और पहाड़ों से घिरी हुई है। आप सुबह बिस्तर से उठकर जिधर भी देखेंगे उधर हरियाली ही हरियाली मिलेगी। मन करेगा कि चलो कुछ दिनों के लिए यहीं पर बस जाएं। सचमुच यह जगह घूमने टहलने के अलावा कुछ दिनों तक रहकर आराम से अपनी छुट्टियों को बिताने के लिए है।

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सैंज घाटी का निजी अनुभव

इस जगह पर जब तक नहीं गया था, मुझे ऐसा लगता था कि जीभी गांव और तीर्थन घाटी से ऑफबीट जगह शायद ही कोई होगी। लेकिन सैंज घाटी (Sainj Valley) पहुंचा तो पाया कि नहीं, यह जगह तो जीभी गांव और तीर्थन घाटी से भी शांत और मनोरम है। इस जगह पर खूबसूरती तो बेहिसाब है लेकिन भीड़ नहीं है, शहरों का शोर नहीं है। सकून और दूर-दूर तक प्रकृति का आकर्षण और जैव विविधता है। इस जगह पर आपको घूमना जितना अच्छा लगेगा, उतना ही अच्छा किसी छोटे से कैफ़े में बैठकर समय बिताना।

सैंज घाटी घूमने का अनुभव बहुत ही ख़ूबसूरत है। इस जगह पर जो शांति और सकून है वह हमारी आत्मा को तृप्त कर देता है। हमारी यात्रा को अविस्मरणीय बना देता है।

संजय शेफर्ड

सैंज घाटी कैसे जाएं?

यह घाटी कम प्रसिद्ध भले है लेकिन यहां पहुंचना जीभी गांव और तीर्थन घाटी जितना ही आसान है। इस जगह पर आप अपने निजी वाहन के अलावा सार्वजनिक परिवहन के साधनों के जरिये भी पहुंच सकते हैं।

1- सड़क मार्ग द्वारा

सैंज वैली में सड़क मार्ग से जाना आसान है। दिल्ली से आप दिल्ली-मनाली वाली बस पकड़िए और सीधे मनाली में उतर जाइये। मनाली से सैंज घाटी (Sainj Valley) के लिए आप टैक्सी ले सकते हैं जो कि आपको हजार बारह सौ रूपए में मिल जाती है। अगर आप बस से जाना चाहते हैं तो आपको बदल-बदल के जाना होगा, क्योंकि मनाली से सैंज घाटी के लिए कोई भी डायरेक्ट बस सेवा नहीं है।

2- ट्रैन के जरिये

सैंज घाटी (Sainj Valley) यदि आप ट्रेन के द्वारा अगर आप जाना चाहते हैं तो आपको शिमला या फिर पठानकोट के लिए टिकट लेनी होगी। एक बार आप इन दोनों में से किसी भी जगह पर पहुंच गये तो टैक्सी के द्वारा या फिर किसी सार्वजानिक परिवहन के माध्यम से सैंज घाटी पहुंच सकते हैं। लेकिन यह बस के मुकाबले ज्यादा वक़्त लेगा और आपको कई बार बदलना होगा।

3- हवाई यात्रा करके

सैंज वैली के लिए निकटतम हवाई अड्डा कुल्लू-मनाली है। इस जगह पर पहुंचकर आप टैक्सी से सैंज घाटी पहुंच सकते हैं। इस जगह पर जाने के लिए फ्लाइट्स लिमिटेड ही होती हैं, इसलिए टिकट पहले से बुक कर लेना सही रहेगा। कई बार मौसम की वजह से भी फ़्लाइट के रद्द अथवा विलम्ब होने की सम्भावना रहती है।

सैंज वैली में कहां ठहरे?

इस जगह पर आपको स्थानीय लोगों के घरों में बने होमस्टे में ठहरना होगा जो कि बहुत ही सुन्दर और सुखद होगा। आप करीब से लोगों के जीवन, रहन सहन और संस्कृति को जान पाएंगे। इस घाटी में आपको होमस्टे काफी किफायती दर पर मिल जाते हैं।

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सैंज वैली में कहाँ घूमें?

सैंज वैली में घूमने के लिए बहुत कुछ है। इस ट्रैवल गाइड के माध्यम से आपको कुछ जगहों के बारे में भी बता देता हूं ताकि कहां घूमें यह सोचकर परेशान ना होना पड़े और आप अपनी यात्रा को अच्छे से एन्जॉय कर पाएं।

1- सैंज गांव की मनोहारी छटा देखें

सैंज घाटी (Sainj Valley) में आने पर आपका दीदार कुछ छोटे-छोटे खूबसूरत गांवों से होता है जो इस घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं। सैंज गांव भी ऐसा ही एक खूबसूरत गांव है। इस गांव में ज्यादातर पर्यटक पहाड़ी गांवों की मौलिकता को देखने और उसे अनुभव करने के लिए आते हैं। यह गांव हिमाचल के बाकि गांवों जितना प्रसिद्ध नहीं है जिसकी वजह से आपको भीड़भाड़ कम मिलेगी। इस जगह पर आपको प्राकृतिक सौंदर्यता, अच्छा वातावरण और शुद्ध हवा मिलेगी।

2- शांघड़ गांव की करें यात्रा

सैंज गांव की ही तरह सैंज घाटी में एक और गांव है जिसे शांघड़ गांव के नाम से जाना जाता है। इस जगह पर लकड़ी का बना शंगचुल महादेव का प्राचीन मंदिर स्थित है। इस पौराणिक मंदिर का संबंध महाभारत काल से होने के नाते बहुत ही ज़्यादा महत्व है। ऐसा भी कहा जाता है कि अपने अज्ञातवास के दौरान पांडव इस जगह पर ठहरे थे। मंदिर के पास पहाड़ियों के बीच एक बहुत बड़ा घास का समतल मैदान है, जिसे देवताओं की भूमि कहा जाता है। इस जगह पर पहुँचकर बहुत ही सकून मिलता है।

3- सैंज घाटी का देवहारी गांव घूमें

सैंज घाटी (Sainj Valley) में घूमते हुए एक और गांव मिलता है जिसका नाम देवहारी है। इस गांव के बारे में बहुत कम लोगों को पता है। पर्यटक सैंज और शांघड़ गांव तक तो जाते हैं लेकिन इस गांव तक नहीं जा पाते हैं। लेकिन यह एक बहुत ही खूबसूरत गांव है। इस जगह पर आपको हिमाचली संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। ट्रेडिशनल मेडिसिन के बारे में जानने को मिलेगा। इस गांव से गुजरते हुए आपको हिमाचली चाय की संस्कृति महसूस होगी। जिस घर के सामने से भी गुजरोगे लोग कहेंगे की चाय पीकर जाओ।

4- पुंडरीक ऋषि झील की यात्रा

सैंज घाटी में आपको एक बहुत ही खूबसूरत झील भी देखने को मिलेगी। इस झील के किनारे आप बैठ तो सकते हैं लेकिन इसके पानी को छूना मना है। ऐसा कहा जाता है कि बंजार घाटी के एक देवता भुंगडु महादेव इस जगह पर आये थे उनको यह जगह पसंद आ गई थी। जिसकी वजह से पुंडरीक ऋषि की उनसे लड़ाई हो गई और कुछ पेड़ और घास झील में गिर गई जो आज भी दिखाई देता है। आसपास की घास और हरे भरे जंगल मन को मोहते हुए जान पड़ते हैं।

5- ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान को सैंज घाटी (Sainj Valley) का सबसे बड़ा आकर्षण कहा जा सकता है। यह कुल्लू जिले के 620 वर्ग किमी में फैला उद्यान अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है और यूनेस्को की विश्व विरासत का हिस्सा है। इस जगह पर 20 से भी अधिक प्रकार के वन आपको देखने को मिलेंगे। कहा जाता है कि इस जगह पर 800 प्रकार के पौधे पाए जाते हैं। यह जगह 180 से भी अधिक परिंदो का घर मानी जाती है। इस जगह पर आपको पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां देखने को मिल जाएंगी।

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प्राकृतिक झरने और वॉटर रिसोर्स

इस घाटी में घूमते हुए आपको बहुत सारे झरने देखने को मिलेंगे। इस घाटी में पानी के तरह-तरह के प्राकृतिक स्त्रोत हैं। यह इस घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं और सैलानियों का मन मोह लेते हैं। आप कहीं से भी पानी भर सकते हैं और इन झरनों को देखते हुए एक अच्छा समय बिता सकते हैं।

सैंज घाटी में ट्रेकिंग और कैंपिंग

अगर आपको मस्‍क डीयर, ब्राउन बीयर, गोराल, बरफानी चीता, भराल, मोनल, कोकलास, और बरफानी कौआ आदि देखना हो तो इस घाटी में ट्रेकिंग कर सकते हैं। संभव है कि ट्रेकिंग के दौरान यह सब आपको दिख जाएं। इस जगह पर कैंपिंग का भी अपना एक अलहदा मज़ा होता है। अलपाइन के जंगलों में सोने का अपना एक अलग ही मज़ा होता है।

मैंने इस लेख में काफी कुछ समेटने और आपको बताने की कोशिश की है। अपनी यात्रा को और भी ज्यादा रोमांचक बनाने के लिए आप रक्तिसार की चढ़ाई कर सकते हैं। सैंज नदी का उदगम देख सकते हैं और अलपाइन के चारागाहों में अपना कैम्‍प लगा सकते हैं। यह सब करना आपके लिए एक अविस्‍मरणीय अनुभव होगा।

दोस्तों, आशा करता हूं कि यह लेख आप लोगों को पसंद आया होगा। मेरी कोशिश हर दिन आपको कुछ नया देने की रहती है। आपको लेख पढ़कर कैसा लगा स्ट्रोलिंग इंडिया और अपने इस घुमंतू दोस्त के साथ जरूर बाटें। 

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travel writer sanjaya shepherd लेखक परिचय

खानाबदोश जीवन जीने वाला एक घुमक्कड़ और लेखक जो मुश्किल हालातों में काम करने वाले दुनिया के श्रेष्ठ दस ट्रैवल ब्लॉगर में शामिल है। सच कहूं तो लिखने और घूमने के अलावा और कुछ आता ही नहीं। इसलिए, वर्षों से घूमने और लिखने के अलावा कुछ किया ही नहीं। बस घुम रहा हूं।